कदम तू बढ़ने दे

पथ की धूप से हार कर क्यों थम गया तू,राह के काँटों से डर कर क्यों जम गया तू,ज़रा दूर तक देख और कदम तो बढ़ने दे,इन पैरों को ये धूप ज़रा सा और तू सहने दे। नहीं कोई साथी है तेरा यहाँ,बस तू और तेरी मंज़िल है जहाँ,माँ का आशीष ले चला अकेला था … Read more

यादें

एक झोंके सी आकर, रेत की परतें हटाकर,मन की सिमटी चादर में अरमान जगाकर,बीते पल में आशा के दीए जलाकर,ये यादें बेवक्त ही आ जाती हैं,भरी महफिल में तन्हा कर जाती हैं। कुछ ख़बर कहाँ कब होती है,जाने कौन पल याद बन जाएगा,जाने कौन वहीं छोड़ जाएगा,कब आँखें खुल जाएँगी,और नया सवेरा निकल आएगा। उन … Read more

मन

दिल की हर साज़ पे नाम तुम्हारा है,मन की हर आवाज़ में नाम तुम्हारा है,यूँ तड़पने की हमें आदत न थी,ज़िन्दगी में कभी इबादत न की,तुझे पाया तो खुशी से मगरूरखोया भी तो एक दस्तूर होगा,हमें किस्सा बनाना है या तेरा हिस्सा,अब तो बस ये काम तुम्हारा है। Do you like this poem? 0

माँ मैं तेरी परछाई

जब अँधेरा मुझे सताता,रैन का सूनापन मुझे डराता,मातृ किरण मुझमें समाई,माँ, मैं तेरी परछाई। तेरे माथे बिंदिया चमके,हाथों में चूड़ियाँ खनके,चाँद सी खिलती जब तू मुस्काई,माँ, मैं तेरी परछाई। तेरे हाथों की वो नरम रोटियाँ,हलवा संग वो ढेरों पूरियाँ,घर से दूर बरबस मुझे याद आईं,माँ, मैं तेरी परछाई। जग का बैर है बड़ा कँटीला,ताप द्वेश … Read more

नारी – एक शक्ति

ज्योति भी तू, ज्वाला भी तू है,मोती भी तू, माला भी तू है,प्रश्न भी तू, और उत्तर भी तू,पावन भी तू, सुंदर भी तू है। तेरे तेज़ से रौशन संसार,तेरी अविरल छाया अपरम्पार,नारी तेरे कितने रूप कितने रंग,हर रंग में तूने रंगा परिवार। तूने सींचा और तराशा,तू शक्ति की है परिभाषा,तेरी निर्मल छाया से ही,पूर्ण … Read more