Tuesdays with Morrie ~ By Mitch Albom

Awesome! That’s one word for this book. Tuesdays with Morrie can be seen as a guideline to life. It talks about life and various aspects with which one finds oneself surrounded. It throws light on these aspects and prove to be an eye opener. It’s a real story of a teacher and a student and … Read more

राही

ज़िन्दगी नहीं सिर्फ़ जीने का नाम,ये क़श्ती खुशी और ग़म की है,कभी होंठों की एक मुस्कान है,कहीं आँखें नाम सी हैं। एहसासों का संगम कुछ ऐसा है,मालूम नहीं हो पाता है,जानें कब सर्द हवाएँ थीं,जानें कब सावन आ जाता है। मंज़िल पास कभी न होती है,तन्हाई हर पल रहती है,बस यूं ही चलते चलते,एक कारवां … Read more

मैं क्यों डरूँ ऐ दुनिया तुझसे?

पहली बार जब खोली आँखें,पहली बार जब ली थी साँसें,माँ की गोद में सब सुंदर लगता था,हर चेहरा मुझे देख हँसता था। पापा की परी, माँ की मुनिया,भाई की बहना, दादी की गुड़िया,हर चेहरा मुझसे खुश था,हर चेहरा मुझे देख हँसता था। चाँद सी सुंदर, तारों सी रौशन,फूल सी नाज़ुक, कली सी कोमल,सबने यही कह … Read more

कदम तू बढ़ने दे

पथ की धूप से हार कर क्यों थम गया तू,राह के काँटों से डर कर क्यों जम गया तू,ज़रा दूर तक देख और कदम तो बढ़ने दे,इन पैरों को ये धूप ज़रा सा और तू सहने दे। नहीं कोई साथी है तेरा यहाँ,बस तू और तेरी मंज़िल है जहाँ,माँ का आशीष ले चला अकेला था … Read more