राही

ज़िन्दगी नहीं सिर्फ़ जीने का नाम,ये क़श्ती खुशी और ग़म की है,कभी होंठों की एक मुस्कान है,कहीं आँखें नाम सी हैं। एहसासों का संगम कुछ ऐसा है,मालूम नहीं हो पाता है,जानें कब सर्द हवाएँ थीं,जानें कब सावन आ जाता है। मंज़िल पास कभी न होती है,तन्हाई हर पल रहती है,बस यूं ही चलते चलते,एक कारवां … Read more