मैं क्यों डरूँ ऐ दुनिया तुझसे?

पहली बार जब खोली आँखें,पहली बार जब ली थी साँसें,माँ की गोद में सब सुंदर लगता था,हर चेहरा मुझे देख हँसता था। पापा की परी, माँ की मुनिया,भाई की बहना, दादी की गुड़िया,हर चेहरा मुझसे खुश था,हर चेहरा मुझे देख हँसता था। चाँद सी सुंदर, तारों सी रौशन,फूल सी नाज़ुक, कली सी कोमल,सबने यही कह … Read more